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अप्रैल, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अटल बिहारी वाजपेयी

विश्व के प्रमुख जलप्रपात - एंजिल,नियाग्रा,विक्टोरिया,गवार्नी,जोग व स्टैंडली आदि

  विश्व के प्रमुख जलप्रपात  आपने विभिन्न प्रकार के झरने तो देखे ही होंगे। इन झरनों का बड़ा रूप ही जलप्रपात के रूप में जाना जाता है, क्योंकि जब बड़े नाले और नदियां जब कभी बड़ी चट्टानों से गिरते है, तो वह जलप्रपात बनाते है। विश्व में ऐसे कई जलप्रपात है, जो दर्शनीय होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। विश्व के इन सभी जलप्रपातों को समझने के लिए और परीक्षा पर आधारित प्रश्नों की जानकारी के लिए हम निम्न जलप्रपातों को जानेंगे। परीक्षाओं की दृष्टि से मुख्य जलप्रपात - एंजिल जल प्रपात -  यह वेनेजुएला देश में कैरो नदी पर स्थित है और इसकी ऊंचाई 979 मीटर है। यह जलप्रपात विश्व का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है। नियाग्रा जलप्रपात - यह कनाडा और अमेरिका की सीमा पर स्थित है और यह मुख्य रूप से सेंट लॉरेंस नदी पर बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 53.6 मीटर है। विक्टोरिया जलप्रपात - यह जिंबाब्वे वह जांबिया देश की सीमा पर स्थित है और यह जांबेजी नदी पर स्थित है। इसकी ऊंचाई 610 मीटर है। योसेमाइट जलप्रपात - यह कैलिफोर्निया देश में स्थित है और इसकी ऊंचाई 739 मीटर है। द. मर्डाल्फोसेन जलप्रपात - यह नॉर्वे द...

धातुओं से संबंधित विभिन्न तथ्य एवं उनकी विवेचना

धातुओं से संबंधित विभिन्न तथ्य एवं उनकी विवेचना  सोने(GOLD) को धातुओं के राजा के रूप में जाना जाता है।  पृथ्वी के केंद्र में सबसे अधिक पाई जाने वाली धातु निकेल है।  👉 स्टैनस सल्फाइड ( SnS 2  इसको मोसाइक गोल्ड(mosaic gold) के रूप में जाना जाता है। इसका उपयोग पेंट के रूप में किया जाता है।  शल्य क्रिया में पट्टियों के रूप में कैलशियम सल्फेट का उपयोग किया जाता है।  

चंद्रयान - I (भारत की चंद्रमा की ओर यात्रा)

- :  चंद्रयान - I :-  चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन चंद्रयान - I के नाम से जाना गया, चुँकी इसका नाम चंद्रयान फर्स्ट नहीं था। यह चंद्रयान के नाम से ही जाना जाता था लेकिन इसके बाद चंद्रयान-2 मिशन छोड़ा गया जिसकी वजह से इसे चंद्रयान फर्स्ट के नाम से जाना जाने लगा। यह एक मानवरहित यान था। यह विश्व  के देशों के द्वारा भेजे गए यानों में 68 वाँ चंद्रमा पर जाने का मिशन था। भारत ने अपने इस पहले चंद्रयान प्रक्षेपण में 32 मीटर व्यास के एक विशाल एंटीना का प्रयोग किया, जो की कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से 40 किलोमीटर की दूरी पर बयालालू में स्थापित किया गया।  इस चंद्रयान - I का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। इसको भारतीय अनुसंधान केंद्र ने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी सी 11) के द्वारा प्रक्षेपित किया। पहला चंद्रयान अभियान सोवियत संघ के द्वारा जनवरी 1959 में भेजा गया। दूसरा चंद्रयान अभियान अमेरिका के द्वारा मार्च 1959 में भेजा गया। भारत छठा ऐसा देश है , जो इस उपग्रह को भेजने में सक्षम हुआ है। भारत के इस मिशन की शुरुआत 22 अक्टूबर 2008 ...

आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत व महत्व

-:ओलंपिक खेल:- यूनान के एक छोटे शहर ओलंपिया में 1976 ईसा पूर्व में प्राचीन ओलंपिक खेलों की शुरुआत की गई, जबकि आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत 1896 ईस्वी में यूनान के एथेंस शहर में हुई। भारतीय ओलंपिक परिषद 1924 में बनाया गया और इसके अध्यक्ष के रूप में सर जे. जे. टाटा को चुना गया। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की पहली भारतीय महिला सदस्य  नीता अंबानी हैं।   ओलंपिक का ध्वज - ओलंपिक में ध्वज को प्रतीक के रूप में सन् 1920 में फहराया गया और यह सफेद रंग का बना हुआ ध्वज होता है जिसमें पांच रंग के गोले बने होते हैं। यह गोले अलग-अलग महाद्वीप को प्रदर्शित करते हैं जैसे- नीला चक्र यूरोप को , पीला चक्र एशिया को, काला चक्कर अफ्रीका को , हरा चक्कर ऑस्ट्रेलिया को और लाल चक्र उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका को प्रदर्शित करता है।   ओलंपिक में मशाल - इसे जलाने की शुरुआत 1928 से की गई।  ओलंपिक पदक - ओलंपिक खेलों में तीन प्रकार के पदक दिए जाते हैं, जिनमें स्वर्ण पदक, रजत पदक और कांस्य पदक शामिल हैं।  स्वर्ण पदक में 6 ग्राम सोने की परत चढ़ी हुई होती है।  ओलंपिक खेलों में शुभंकर (प्रति...

​​विश्व मलेरिया दिवस (मलेरिया - देश के लिये खतरा)

  विश्व मलेरिया दिवस  25 अप्रैल को पूरे विश्व में मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व में मलेरिया के रोग को रोकने के लिए हो रहे वैज्ञानिक उपचारों को समझना और उनमें में नए परिवर्तन लाना है। जिससे इस रोग का उन्मूलन किया जा सके। थीम :-   जीरो मलेरिया लक्ष्य की ओर बढ़ना   मलेरिया रोग होने के कारण - मलेरिया एक मच्छर के काटने से होता हैं। इस मच्छर को मादा एनाफिलीज नाम से जाना जाता है और डॉक्टरी भाषा के हिसाब से इसे प्लाज्मोडियम के नाम से भी जाना जाता है।  इस रोग को रोकना अति आवश्यक है क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है और यह शरीर के लिए घातक हो सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए क्योंकि इससे उनकी जान भी जा सकती है। सरकार ऐसे रोगों को रोकने का प्रयास करती रहती है और इसके लिए अनेक कार्यक्रम भी चलाती है लेकिन सभी को इसके लिए सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि इस रोग का संक्रमण ज्यादा न फेल सके और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, आसपास पानी जमा नहीं होनेत देना चाहिए। कब से मनाया जा रहा है ये दिवस - 20...

पंचायती राज व्यवस्था, 24 अप्रेल और 73वाँ संविधान संशोधन

  24 अप्रैल :- पंचायती राज दिवस  24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य अभिप्राय पंचायती राज व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से चलाना ओर उसका संरक्षण करना है। भारत में सबसे पहले राष्ट्रीय पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना 24 अप्रैल 1993 में की गई, क्योंकि इसी दिन सत्ता का विकेंद्रीकरण हुआ, जिससे भारतीय संविधान के 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था की हमारे संविधान में व्यवस्था की गई और पंचायतों से जुड़े लोगों की और ग्रामीण व्यवस्था को देखने की एक पहल शुरू की गई।  2021 में पंचायती राज दिवस का 12 संस्करण मनाया जा रहा है, क्योंकि पंचायती राज दिवस मनाने की शुरुआत 24 अप्रैल 2010 से प्रारंभ की गई थी क्योंकि पंचायती राज व्यवस्था की नींव इसी दिन डाली गई थी। प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री इस दिवस को मुख्य अतिथी के रूप में बड़े हर्षोल्लास से मनाते हैं लेकिन अभी वर्तमान समय में कोविड-19 को मध्य नजर रखते हुए इस दिवस को वर्चुअल रूप से मनाया जाएगा और जिसमें कई प्रकार के नई योजनाओं का समावेश देखने को मिलेगा। आपको बता दें क...

पदम पुरस्कार व भारत रत्न (2021) - देश में दिये जाने वाले सर्वोच्च सम्मान

  पदम पुरस्कार  भारत रत्न के बाद देश में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार पदम पुरस्कार है । भारत रत्न व पदम पुरस्कारों की शुरुआत 1954 ईस्वी से की गई। पहले पद्म पुरस्कारों को निम्न नामों से जाना जाता था। पहला वर्ग  दूसरा वर्ग  तीसरा वर्ग नये नाम इस प्रकार से हैं जो कि 8 जनवरी 1955 से लागू हुए - पदम विभूषण  पदम भूषण  पदम श्री  इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में सम्मानित किया जाता है, जो हर साल मार्च या अप्रैल के आस-पास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाता हैं। 2021 के लिए पदम पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी 2021 को की गई। इस बार भारत रत्न किसी भी व्यक्ति को नहीं दिया गया। पदम पुरस्कारों में कुल 119 पुरस्कार दिए गए, जिनमें से 7 पदम विभूषण और 10 पदम भूषण तथा 102 पदम श्री पुरस्कार दिये गए। इन पुरस्कारों में 19 महिलाएं और 10 विदेशी भी शामिल है साथ में एक ट्रांसजेंडर भी इसमें शामिल है।   16 लोगों को इसमें मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया। आइए देखते हैं पदम पुर...

संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nation)

  -:  संयुक्त राष्ट्र संघ :- (United Nations)  संयुक्त राष्ट्र अथवा यूनाइटेड नेशन का नाम अमेरिका के पुर्व राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट द्वारा दिया गया। संयुक्त राष्ट्र की रूपरेखा का निर्माण वाशिंगटन डीसी के डिंबार्टन ऑक्स भवन में किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई। संयुक्त राष्ट्र संघ में  सदस्य देशों की संख्या 193 है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयॉर्क शहर में स्थित है। इसका भवन मेनहट्टन द्विप में बना है।   संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज :-  संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषाएं :- यहाँ पर कार्य करने की 2 भाषाएँ है - अंग्रेजी और फ्रेंच, साथ में अन्य भाषाएं भी है जिन्हें संयुक्त राष्ट्र संघ से मान्यता प्राप्त है वे हैं - चीनी रशियन अरबी और स्पेनिश। संयुक्त राष्ट्र संघ में बजट महासचिव द्वारा पेश किया जाता है। और बजट के बारे में संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र के अनुच्छेद 17 में बताया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य अंग :- संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य रूप से छह अंग है - महासभा  सुरक्षा परिषद  आर्थिक एवं ...

प्राचीन इतिहास ( भाग 5 )

  भारत का प्राचीन इतिहास   चीन से आने वाले प्रमुख लेखक :-   फाहियान - यह चीनी यात्री लेखक, बौद्ध-भिक्षु और अनुवादक के रूप में भारत आया था। यह भारत में गुप्त वंश के राजा चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबार में आया था। भारत में इसने मध्यप्रदेश के सामाजिक व सांस्कृतिक जीवन व व्यवस्था का वर्णन किया। इसके अनुसार यहां की जनता सुखी व समृद्ध थी। यह भारत में 65 वर्ष की उम्र में आया था तथा लगभग 14 वर्षों तक यहां रहा था। इसने अपनी यात्रा वृतांत को लिपिवध भी किया। यह मुख्य रूप से भारत में बौद्ध ग्रंथों को इकट्ठा कर ले जाने के लिए आया था। फाहियान के अनुसार भारत का व्यापार उन्नत दशा में था।    संयुगन - यह चीनी यात्री भारत में 518 ईस्वी में आया था। इसने मुख्य रूप से बोद्ध धर्म के ग्रंथों व प्राप्तियों को एकत्रित करने का कार्य किया। यात्रा करते हुए उसने यह कार्य लगभग 3 वर्षों तक किया। ह्वेनसांग - जब यह भारत आया था तो उस समय पुष्यभूति वंश का शासन काल था और उस समय हर्षवर्धन यहां पर शासन कर रहा था । ह्वेनसांग भारत में सबसे पहले कपीसा राज्य में पहुंचा था। यह चीन से 629 ईस्वी में चल...

सात भगिनी राज्य - असम

-: असम :- निर्माण - 26 जनवरी 1950 राजधानी - दिसपुर मुख्यमंत्री - सर्वानन्द सोनोवाल  [ असम  के  पहले मुख्यमंत्री  - गोपीनाथ बोर्दोलोई   ] राज्यपाल - जगदिश मुखी जिले - 33 लोकसभा सीटें - 14 राज्यसभा सीटें - 7 विधानसभा सीटें - 126 उच्च न्यायालय - गुवाहाटी राज्य पशु - एक सींग वाला गेंडा 👉 यह एक मात्र एैसा राज्य हैं, जो उत्तर-पश्चिम के सभी राज्यों की सीमा से जुडा हैं । असम के राष्ट्रीय उद्यान - मानस नेशनल पार्क -  [ असम   के गुवाहाटी में स्‍थित] यह पार्क विश्‍व धरोहरों में 2011 में शामिल किया गया। ओरंग नेशनल पार्क   -  यह नेशनल पार्क गैंडे के लिए जाना जाता है। नमेरी नेशनल पार्क   काजीरंगा नेशनल पार्क -   यह अभयारण्‍य एक सींग वाले गैंडा के लिए जाना जाता है।    डिब्रू  सैखोवा नेशनल पार्क -  यह  उद्यान जंगली घोड़ों और चमकदार सफेद पंखों वाली बतख के लिये प्रसिद्ध  है । असम  की नदियाँ  - कामेंग नदी दिबांग नदी दिहिंग नदी धनसीरी नदी बराक नदी ब्रह्मपुत्र नदी भोगदोई नदी मानस नदी मोरा धनसीरी नदी...

मन के विकार और मोबाइल

 मन एक ऐसा चंचलतापुर्ण सागर हैं, जो कभी कहीं तो कभी कहीं भटकता रहता हैं । इसका पार पाना उतना ही कठिन हैं जितना की किसी लोमड़ी अंगुर मिलना । हाँलांकि लोमड़ को अंगुर मिल भी जाये पर मन को नियंत्रित नहीं किया जा सकता हैं । बड़े-बड़े ऋषि मुनि भी इसे अपने वश में न कर सके । फिर भी कइयों ने इसे साधा हैं और प्रभू/ईश्वर को पाया हैं । मन अपने आप में ही एक विचार हैं, जिसका निरूपण भावनाओं पर आधारित हैं ।  गीता जी में  मन को 11वीं इन्द्रि माना जाता है, जो ज्ञानेन्द्रियों और कर्मेन्द्रियों के बीच नियामक का काम करता है। ये इन्द्रियां और मन हमारे ज्ञान और कर्म के साधन मात्र न होकर इस संसार को भोगने के भी साधन हैं। संसार का सुख भोगने में मन विचार और कल्पना के द्वारा भी सहायता करता है। मनुष्य का मन संसार की सबसे अशांत चीज है। इस अशांति के कारण ही मनुष्य संसार में अपनी इच्छाओं की पूर्ति के साधनों की तलाश में भटकता रहता है। लेकिन जैसे ही मनुष्य को अपनी इच्छा की एक वस्तु मिलती है उसका अशांत मन तुरंत किसी दूसरी चीज की तलाश में दौड़ने लगता है। यदि हम मन की सीमा को जानकर उसके ऊपर उठ सकें तो ह...

Formulas

Formula  1. Work = force × distance कार्य = बल × दूरी 2. Energy = force × distance ऊर्जा = बल × दूरी 3. Speed = distance / time गति = दूरी / समय 4. Velocity= displacement / time वेग = विस्थापन / समय 5. Electric field = electrical force/charge विद्युत क्षेत्र= वैद्युत बल/आवेश 6. Force = force/area प्रतिबल=बल/क्षेत्रफल 7. Volume = length × width × height आयतन = लंबाई × चौड़ाई × ऊंचाई 8. Mass density = mass/volume द्रव्यमान घनत्व =द्रव्यमान/आयतन 9. Acceleration =velocity / time त्वरण = वेग / समय 10. Power = work / time शक्ति = कार्य / समय 11. Pressure = force / area दाब =बल/क्षेत्रफल 11. Momentum = mass × velocity संवेग = द्रव्यमान × वेग 13. Area (A) = Length × Width क्षेत्रफल ( A ) = लम्बाई × चौड़ाई 14. Force (F) = Mass × Acceleration बल ( F ) = द्रव्यमान × त्वरण 15. Pressure Energy = Pressure × Volume दाब ऊर्जा = दाब × आयतन 16. Impulse = force × time आवेग = बल × समय 17. Linear momentum = mass × velocity रैखिक संवेग = द्रव्यमान × वेग 18. Kinetic energy = 1/2 mv² गतिज ऊर्जा = 1/2 mv² ...

राजस्थान

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है। राजधानी - जयपुर आजादी से पहले का नाम - राजपूताना (राजपूतों का स्थान) सात चरणों में बना राजस्थान 18 मार्च, 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली रियासतों का विलय होकर 'मत्स्य संघ' बना। धौलपुर के तत्कालीन महाराजा उदयसिंह राजप्रमुख व अलवर राजधानी बनी। 25 मार्च, 1948 को कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, किशनगढ़ व शाहपुरा का विलय होकर राजस्थान संघ बना। 18 अप्रॅल, 1948 को उदयपुर रियासत का विलय। नया नाम 'संयुक्त राजस्थान संघ' रखा गया। उदयपुर के तत्कालीन महाराणा भूपाल सिंह राजप्रमुख बने। 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर 'वृहत्तर राजस्थान संघ' बना था। यही राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है। 15 अप्रॅल, 1949 को 'मत्स्य संघ' का वृहत्तर राजस्थान संघ में विलय हो गया। 26 जनवरी, 1950 क...

स्वेज नहर में फंसा दुनिया का सबसे बड़ा जहाज - एमवी एवर गिवेन

मिस्त्र के स्वेज नहर में लगा जाम खुल चुका है ।  लाल सागर और भूमध्य सागर के बीच मौजूद इस छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग में एवर गिवन नाम का शिप तिरछा होकर फंस गया था और जिससे सात दिनों तक मार्ग बंद था ।  इस मार्ग के बंद होने के चलते नहर के दोनों छोर पर सैकड़ों जहाज और फंस गए थे । स्वेज नहर में 23 मार्च से फंसा था जहाज । मिस्त्र में एक हफ्ते से स्वेज नहर में फंसे जहाज को हटा दिया गया ।  इस जहाज का नाम 'एमवी एवर गिवेन' था, जो 400 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा था ।   एक हफ्ते तक स्वेज नहर में जहाज के अटकने से कम से ककम 367 जहाज फंस गए थे ।  इन जहाजों पर क्रूड ऑयल से लेकर मवेशियों के खाने तक का सामान जा रहा था ।  रास्ता खुलने से ये जहाज यहां से निकल सके ।  तेज हवा की वजह से घूम गया था यह जहाज ।  एमवी एवर गिवेन जहाज दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज है ।  ये चीन से नीदरलैंड के पोर्ट रोटेरडम जा रहा था ।  तभी रास्ते में स्वेज नहर में जहाज घूम गया और अटक गया ।  इससे नहर का रास्ता ब्लॉक हो गया ।  मिस्त्र के अधिकारियों ने न्यूज एजेंस...