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अटल बिहारी वाजपेयी

चंद्रयान - I (भारत की चंद्रमा की ओर यात्रा)

- : चंद्रयान - I :-

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 चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन चंद्रयान - I के नाम से जाना गया, चुँकी इसका नाम चंद्रयान फर्स्ट नहीं था। यह चंद्रयान के नाम से ही जाना जाता था लेकिन इसके बाद चंद्रयान-2 मिशन छोड़ा गया जिसकी वजह से इसे चंद्रयान फर्स्ट के नाम से जाना जाने लगा। यह एक मानवरहित यान था।

यह विश्व  के देशों के द्वारा भेजे गए यानों में 68 वाँ चंद्रमा पर जाने का मिशन था। भारत ने अपने इस पहले चंद्रयान प्रक्षेपण में 32 मीटर व्यास के एक विशाल एंटीना का प्रयोग किया, जो की कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से 40 किलोमीटर की दूरी पर बयालालू में स्थापित किया गया। 

इस चंद्रयान - I का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। इसको भारतीय अनुसंधान केंद्र ने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी सी 11) के द्वारा प्रक्षेपित किया।

  • पहला चंद्रयान अभियान सोवियत संघ के द्वारा जनवरी 1959 में भेजा गया।
  • दूसरा चंद्रयान अभियान अमेरिका के द्वारा मार्च 1959 में भेजा गया।
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भारत छठा ऐसा देश है, जो इस उपग्रह को भेजने में सक्षम हुआ है। भारत के इस मिशन की शुरुआत 22 अक्टूबर 2008 को की गई।

इस यान को छोड़ने का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह के नक्शे लेना और पानी के अंश ढूंढना तथा वहां पर हीलियम तत्व की खोज करना था। भारतीय अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण केंद्र के द्वारा प्रक्षेपित यह 27 वां उपक्रम था। इस अभियान के दौरान माधवन नायर इसरो के चेयरमैन थे।

👉 इसरो (ISRO) के वर्तमान चेयरमैन के सिवान है, जिनका कार्यकाल हाल ही में 1 साल के लिए बढ़ाया गया है।

👉 भारत के द्वारा छोड़े गये पहले उपग्रह का नाम आर्यभट्ट हैं।

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अटल बिहारी वाजपेयी

  अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह) (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) जन्म स्थान :  ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिक्षा :  एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (यूपी) तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल : प्रथम कार्यकाल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए)   द्वितीय कार्यकाल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) तृतीय कार्यकाल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए)    ( पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए। ) राजनीतिक जीवन : • भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। • सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा।  • सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। • सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।  • सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)। • 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)। प्रमुख कार्य व योगदान : • 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्...

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