इतिहास को समझने के लिए उस क्षेत्र विशेष की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन किया जाता है। जिसमें वहाँ की संस्कृति का भी वर्णन छिपा होता है। आज से हम भारत के इतिहास को समझने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। प्राचीन समय में भारत को जम्बुद्विप , अर्थात् जामुन के वृक्षों का देश कहा जाता था । भारत के और नाम भी अलग-अलग लोगों ने दिये - ईरानी - हिन्दू (सिन्धु नदी के नाम पर) यूनानी - इंदे अरबी - हिन्द अंग्रेज - इंडिया भारत के इतिहास को तीन भागों में बाँटा गया है। [ क्रिस्टोफ सेलियरस (जर्मन इतिहासकार) ने सबसे पहले इतिहास को तीन भागों में बाँटा ] ये तीन भाग हैं - 1. प्राचीन भारत 2. मध्यकालिन भारत 3. आधुनिक भारत। हालांकि भारत को इन तीन भागों के द्वारा समझाया गया है। लेकिन भारत को समझना इतना आसान नहीं है क्योंकि यहां की रहन-सहन, वेशभूषा, और बोलियां सब अलग-अलग है। जिनके आधार पर यहां का पूर्ण तरीके से विश्लेषण कर पाना कठिन है। परंतु फिर भी इन सब विभिन्नताओं के बावजूद भी यहां पर एकता और भाईचारे की भावना पाई जाती है, जो कि प्राचीन काल से ही विद्यमान है। आज से हम आगे के भागों में ...
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