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अटल बिहारी वाजपेयी

स्वेज नहर में फंसा दुनिया का सबसे बड़ा जहाज - एमवी एवर गिवेन

Suez canal


मिस्त्र के स्वेज नहर में लगा जाम खुल चुका है लाल सागर और भूमध्य सागर के बीच मौजूद इस छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग में एवर गिवन नाम का शिप तिरछा होकर फंस गया था और जिससे सात दिनों तक मार्ग बंद था इस मार्ग के बंद होने के चलते नहर के दोनों छोर पर सैकड़ों जहाज और फंस गए थे

स्वेज नहर में 23 मार्च से फंसा था जहाज

मिस्त्र में एक हफ्ते से स्वेज नहर में फंसे जहाज को हटा दिया गया इस जहाज का नाम 'एमवी एवर गिवेन' था, जो 400 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा था एक हफ्ते तक स्वेज नहर में जहाज के अटकने से कम से ककम 367 जहाज फंस गए थे। इन जहाजों पर क्रूड ऑयल से लेकर मवेशियों के खाने तक का सामान जा रहा था। रास्ता खुलने से ये जहाज यहां से निकल सके। तेज हवा की वजह से घूम गया था यह जहाज एमवी एवर गिवेन जहाज दुनिया का सबसे बड़ा मालवाहक जहाज है। ये चीन से नीदरलैंड के पोर्ट रोटेरडम जा रहा था तभी रास्ते में स्वेज नहर में जहाज घूम गया और अटक गया इससे नहर का रास्ता ब्लॉक हो गया मिस्त्र के अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी एपी को बताया था कि तेज हवा की वजह से जहाज घूम गया और फंस गया क्योंकि जिस दिन (23 मार्च) को ये जहाज नहर में फंसा था, उस दिन यहां 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, स्वेज नहर से प्रति दिन 50 के आसपास जहाज गुजरते हैं

न्यूज एजेंसी के मुताबिक ऐसे निकाला गया जहाज -

स्वेज नहर में फंसे दुनिया के सबसे बड़े जहाज को निकालने के लिए टगबोट्स की मदद ली गई टगबोट्स वो होते हैं, जिनसे जहाज को खींचकर ले जाया जाता है एमवी एवर गिवेन को निकालने के लिए ऐसे ही 10 टगबोट्स लगाए गए अधिकारियों ने बताया कि जहाज को निकालने में सबसे बड़ी चुनौती ये भी थी कि इसके ऊपर 2.20 लाख टन से ज्यादा का सामान लदा हुआ था

स्वेज नहर -

Suez nahar


कारोबार के लिहाज से स्वेज नहर बहुत मायने रखती है इस नहर को कारोबार के लिए 1869 में खोला गया था ये नहर एशिया को यूरोप से और यूरोप को एशिया से जोड़ती है दुनियाभर में तेल का जितना कारोबार होता है, उसका 7% इसी नहर के जरिए किया जाता है वहीं वैश्विक कारोबार का 10% कारोबार भी स्वेज नहर से ही होता है पिछले साल स्वेज नहर से सालभर में 19 हजार से ज्यादा जहाज गुजरे थे 193 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी स्वेज नहर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है

एमवी एवर गिवेन जहाज -

Ship


 ये जहाज पनामा का है। इसे 2018 में बनाया गया था इस जहाज की लंबाई 400 मीटर यानी 1,312 फीट और चौड़ाई 59 मीटर यानी 193 फीट है इस लिहाज से ये दुनिया की सबसे बड़ी कार्गो शिप है। इस जहाज से एक बार में 20 हजार से ज्यादा कंटेनर ले जाए सकते हैं

 इस जहाज के फंसने से दुनियाभर में कच्चे तेल की आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा था नतीजा ये हुआ कि दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं लेकिन अब, जब जहाज के निकलने और नहर के खुलने से कच्चे तेल कि सपलाई सुरू हुई तो कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भी आई हैं

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अटल बिहारी वाजपेयी

  अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह) (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) जन्म स्थान :  ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिक्षा :  एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (यूपी) तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल : प्रथम कार्यकाल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए)   द्वितीय कार्यकाल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) तृतीय कार्यकाल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए)    ( पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए। ) राजनीतिक जीवन : • भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। • सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा।  • सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। • सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।  • सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)। • 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)। प्रमुख कार्य व योगदान : • 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्...

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