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अटल बिहारी वाजपेयी

​​विश्व मलेरिया दिवस (मलेरिया - देश के लिये खतरा)

  विश्व मलेरिया दिवस 

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25 अप्रैल को पूरे विश्व में मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व में मलेरिया के रोग को रोकने के लिए हो रहे वैज्ञानिक उपचारों को समझना और उनमें में नए परिवर्तन लाना है। जिससे इस रोग का उन्मूलन किया जा सके।

थीम :-  जीरो मलेरिया लक्ष्य की ओर बढ़ना

 मलेरिया रोग होने के कारण -

मलेरिया एक मच्छर के काटने से होता हैं। इस मच्छर को मादा एनाफिलीज नाम से जाना जाता है और डॉक्टरी भाषा के हिसाब से इसे प्लाज्मोडियम के नाम से भी जाना जाता है।

 इस रोग को रोकना अति आवश्यक है क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है और यह शरीर के लिए घातक हो सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए क्योंकि इससे उनकी जान भी जा सकती है।

सरकार ऐसे रोगों को रोकने का प्रयास करती रहती है और इसके लिए अनेक कार्यक्रम भी चलाती है लेकिन सभी को इसके लिए सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि इस रोग का संक्रमण ज्यादा न फेल सके और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, आसपास पानी जमा नहीं होनेत देना चाहिए।

कब से मनाया जा रहा है ये दिवस -

2007 से विश्व मलेरिया सभा के 60वें सत्र के दौरान इस दिवस को मनाये जाने की घोषणा की गई।

25 अप्रैल 2008 को पहली बार विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया।

यह दिवस इससे पहले अफ्रीकी मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता था। जिसकी शुरुआत 2001 से की गई थी। उस समय अफ्रीकी राष्ट्रों में जिनमें मलेरिया फेला हुआ था, उनकी  शिखर बैठक के माध्यम से यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। 2008 से यह पूरे विश्व में मनाया जाने लगा।

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अटल बिहारी वाजपेयी

  अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह) (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) जन्म स्थान :  ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिक्षा :  एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (यूपी) तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल : प्रथम कार्यकाल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए)   द्वितीय कार्यकाल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) तृतीय कार्यकाल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए)    ( पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए। ) राजनीतिक जीवन : • भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। • सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा।  • सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। • सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।  • सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)। • 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)। प्रमुख कार्य व योगदान : • 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्...

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