विश्व मलेरिया दिवस
25 अप्रैल को पूरे विश्व में मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्व में मलेरिया के रोग को रोकने के लिए हो रहे वैज्ञानिक उपचारों को समझना और उनमें में नए परिवर्तन लाना है। जिससे इस रोग का उन्मूलन किया जा सके।
थीम :- जीरो मलेरिया लक्ष्य की ओर बढ़ना
मलेरिया रोग होने के कारण -
मलेरिया एक मच्छर के काटने से होता हैं। इस मच्छर को मादा एनाफिलीज नाम से जाना जाता है और डॉक्टरी भाषा के हिसाब से इसे प्लाज्मोडियम के नाम से भी जाना जाता है।
इस रोग को रोकना अति आवश्यक है क्योंकि यह एक संक्रामक रोग है और यह शरीर के लिए घातक हो सकता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए क्योंकि इससे उनकी जान भी जा सकती है।
सरकार ऐसे रोगों को रोकने का प्रयास करती रहती है और इसके लिए अनेक कार्यक्रम भी चलाती है लेकिन सभी को इसके लिए सतर्कता बरतनी चाहिए, ताकि इस रोग का संक्रमण ज्यादा न फेल सके और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए, आसपास पानी जमा नहीं होनेत देना चाहिए।
कब से मनाया जा रहा है ये दिवस -
2007 से विश्व मलेरिया सभा के 60वें सत्र के दौरान इस दिवस को मनाये जाने की घोषणा की गई।
25 अप्रैल 2008 को पहली बार विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया।
यह दिवस इससे पहले अफ्रीकी मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता था। जिसकी शुरुआत 2001 से की गई थी। उस समय अफ्रीकी राष्ट्रों में जिनमें मलेरिया फेला हुआ था, उनकी शिखर बैठक के माध्यम से यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। 2008 से यह पूरे विश्व में मनाया जाने लगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Plz don't enter any spam link in the comment box.