पदम पुरस्कार
भारत रत्न के बाद देश में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार पदम पुरस्कार है।
भारत रत्न व पदम पुरस्कारों की शुरुआत 1954 ईस्वी से की गई। पहले पद्म पुरस्कारों को निम्न नामों से जाना जाता था।
पहला वर्ग
दूसरा वर्ग
तीसरा वर्ग
नये नाम इस प्रकार से हैं जो कि 8 जनवरी 1955 से लागू हुए -
- पदम विभूषण
- पदम भूषण
- पदम श्री
इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समारोह में सम्मानित किया जाता है, जो हर साल मार्च या अप्रैल के आस-पास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाता हैं।
2021 के लिए पदम पुरस्कारों की घोषणा 26 जनवरी 2021 को की गई।
इस बार भारत रत्न किसी भी व्यक्ति को नहीं दिया गया।
पदम पुरस्कारों में कुल 119 पुरस्कार दिए गए, जिनमें से 7 पदम विभूषण और 10 पदम भूषण तथा 102 पदम श्री पुरस्कार दिये गए।
इन पुरस्कारों में 19 महिलाएं और 10 विदेशी भी शामिल है साथ में एक ट्रांसजेंडर भी इसमें शामिल है। 16 लोगों को इसमें मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया।
आइए देखते हैं पदम पुरस्कारों का किस-किसको दिया गया -
पदम विभूषण (7 लोगों को) -
- एस पी बालासुब्रमण्यम (इनको मरणोपरांत दिया गया)
- शिंजो अबे (जो कि जापान से हैं)
- मौलाना वहीदुद्दीन खान
- बी एम हेगडे
- बी बी लाल
- नरेंद्र सिंह कपानी (इनको मरणोपरांत दिया गया)
- सुदर्शन साहू (इनको कला के क्षेत्र में दिया गया)
- कृष्ण नायर शांताकुमारी चित्र (जो कि केरल की एक गायक है)
- तरलोचन सिंह (जो कि हरियाणा के एक राजनेता है)
- चंद्रशेखर कंबार (कवि, कर्नाटक से)
- सुमित्रा महाजन (जो कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष रह चुकी हैं)
- नृपेंद्र मिश्रा (जो कि पूर्व सचिव भारत सरकार रह चुके हैं)
- रामविलास पासवान (इनको मरणोपरांत दिया गया)
- केशुभाई पटेल (मनरणोपरांत)
- कल्बे सादिकी (मनरणोपरांत)
- तरुण गोगोई (असम के पूर्व मुख्यमंत्री थे) (मनरणोपरांत)
- रजनीकांत देवीदास श्रॉफ
चुंकी स्पोर्ट के सबसे महत्वपूर्ण रहते हैं परीक्षा की दृष्टि से, इसलिए सपोर्ट वाले हम देखेंगे पहले हैं -
- पी अनीता (बास्केटबॉल से संबंधित है तमिलनाडु से)
- माउमा दास (टेबल टेनिस, पश्चिम बंगाल से)
- सुधा हरिनारायण सिंह (एथलेटिक, यूपी से)
- वीरेंद्र सिंह (पैरा एथलेटिक्स, हरियाणा से)
- के वाई वेंकटेश (पैरा एथलेटिक्स)
- अंशु जमसेनपा (पर्वतारोही, अरुणाचल प्रदेश)
- माधवन नामबियार (एथलेटिक्स कोच, केरल से)
- भूरी बाई (एमपी से, इन्हें पिथौरा चित्रकला के लिए दिया गया)
- महेश भाई व नरेश भाई कनोडिया (इन्हें मरणोपरांत दिया गया)
- राधेश्याम बरले (पंथी नृत्य से संबंधित है छत्तीसगढ़ से)

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