24 अप्रैल :- पंचायती राज दिवस
24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के रूप में प्रतिवर्ष मनाया जाता है।
इस दिवस को मनाने का मुख्य अभिप्राय पंचायती राज व्यवस्था को सुव्यवस्थित रूप से चलाना ओर उसका संरक्षण करना है। भारत में सबसे पहले राष्ट्रीय पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना 24 अप्रैल 1993 में की गई, क्योंकि इसी दिन सत्ता का विकेंद्रीकरण हुआ, जिससे भारतीय संविधान के 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था की हमारे संविधान में व्यवस्था की गई और पंचायतों से जुड़े लोगों की और ग्रामीण व्यवस्था को देखने की एक पहल शुरू की गई।
2021 में पंचायती राज दिवस का 12 संस्करण मनाया जा रहा है, क्योंकि पंचायती राज दिवस मनाने की शुरुआत 24 अप्रैल 2010 से प्रारंभ की गई थी क्योंकि पंचायती राज व्यवस्था की नींव इसी दिन डाली गई थी।
प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री इस दिवस को मुख्य अतिथी के रूप में बड़े हर्षोल्लास से मनाते हैं लेकिन अभी वर्तमान समय में कोविड-19 को मध्य नजर रखते हुए इस दिवस को वर्चुअल रूप से मनाया जाएगा और जिसमें कई प्रकार के नई योजनाओं का समावेश देखने को मिलेगा।
- आपको बता दें कि वर्तमान में पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर है।
- पंचायती राज व्यवस्था को संविधान की 11वीं अनुसूची में जोड़ा गया था, जिसके अन्तरगर्त 29 विषयों का प्रावधान किया गया हैं।

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