वेदों की शाखाएँ -
ऋग्वेद - शाकल शाखा ( एक मात्र जीवित शाखा )
यजुर्वेद - शुक्ल यजुर्वेद, कृष्ण यजुर्वेद
सामवेद - कौथुम, राणायनीय एवं जैमीनीय या तलवकार
अथर्ववेद - शौनक, पैप्पलाद
# उपनिषद का अर्थ - सिखना [उप - पास, सद - बैठना ]
# सबसे पहले उपनिषद - बृदारण्यक और चंदोग्य
उपनिषद और वेदों का संबंध -
उपनिषदों की संख्या - 108
चारों आश्रमों का उल्लेख - जाबालोपनिषद् में |
वेदों को समझने के लिए वेदांग - 6 ( शिक्षा, ज्योतिष, कल्प, व्याकरण, निरूक्त, छन्द )
पुराण -
रचयिता - लोमहर्ष व इसका पुत्र उग्रश्रवा
संख्या - 18
स्त्रियाँ तथा शुद्र जिन्हें वेद पढने की अनुमति नहीं थी, वे भी पुराण सुन सकते थे|
पुराणों में मत्स्यपुराण सबसे प्राचीन एवं प्रमाणिक हैं|
पुराण व वंशों का संबंध -



टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Plz don't enter any spam link in the comment box.