सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अटल बिहारी वाजपेयी

प्राचीन इतिहास ( भाग-2 )

-: प्राचीन भारत :-


धर्मग्रन्थ व ऐतिहासिक ग्रन्थों के आधार पर -

प्राचीन धर्मग्रन्थ - वेद ( रचनाकार - वेदव्यास )

वेद का उपदेश - बसुद्धैव कुटुम्बकम्

वेद चार हैं  ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद 

शतपथ ब्राह्मण के श्लोक के अनुसार अग्नि, वायु, आदित्य(सुर्य) और अंगिरा ने घोर तपस्या की और इन वेदों  (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) को प्राप्त किया। ऐसा माना जाता हैं कि प्रथम तीन वेदों को अग्नि, वायु, सूर्य (आदित्य), ने प्राप्त किया और संभवत: अथर्वदेव को अंगिरा  ऋषि से उत्पन्न माना जाता है। उसके बाद सात ऋषियों (सप्तर्षि) को यह ज्ञान मिला एक ग्रंथ के अनुसार ब्रह्माजी के चारों मुख से वेदों की उत्पत्ति हुई।

1. ऋग्वेद - 10 मंडल, 1028 सूक्त एवं 10,462 ऋचाएँ 

तिसरा मंडल - विश्वामित्र द्वारा रचित (इसमें गायत्री मंत्र का उल्लेख हैं।)

सातवाँ मंडल - दसराग्य युद्घ का वर्णन 

आठवाँ मंडल - हस्तलिखित ऋचाऔं (खिल) के बारे में 

नौवाँ मंडल - देवता सोम का उल्लेख 

दशवाँ मंडल - पुरूषसूक्त ( इसके अनुसार 4 वर्ण [ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य एवं शूद्र] होते हैं ) के बारे में 

ऋग्वेद में ऋचाएँ - इंद्र के लिये - 250, अग्नि के लिये - 200

ऋचाओँं को पड़ने वाला - हौतृ

2. यजुर्वेद - नियमों व विधि-विधानों का संकलन

यह वेद गद्य व पद्य दोनों में लिखा हैं  

3. सामवेद - भारतीय संगीत का जनक

4. अथर्ववेद - [रचयिता - अथर्वा ऋषि] 

यह वेद कन्याओं के जन्म की निन्दा करता हैं  जादू टोनौं व अधंविश्वासों के बारे में जानकारी भी इसी वेद से मिलती हैं  

इस वेद का प्रतिनिधि सूक्त - पृथिवी सूक्त

यूनेस्को ने 7 नवम्बर 2003 को वेदपाठ को मानवता के मौखिक एवं अमूर्त विरासत की श्रेष्ठ कृतियाँ घोषित किया।

वेदों को समझना इतना सरल नहीं है क्योंकि जो भी व्यक्ति इसके ज्ञान को प्राप्त कर लेता है वह संभवत: ही मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। इन वेदों में सबसे मुख्य वेद ऋग्वेद को माना गया है जिससे मुख्य ज्ञान प्राप्त होता है


आगे देखें - प्राचीन इतिहास ( भाग-3 )

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अटल बिहारी वाजपेयी

  अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह) (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) जन्म स्थान :  ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिक्षा :  एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (यूपी) तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल : प्रथम कार्यकाल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए)   द्वितीय कार्यकाल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) तृतीय कार्यकाल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए)    ( पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए। ) राजनीतिक जीवन : • भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। • सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा।  • सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। • सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।  • सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)। • 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)। प्रमुख कार्य व योगदान : • 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्...

विश्व के प्रमुख जलप्रपात - एंजिल,नियाग्रा,विक्टोरिया,गवार्नी,जोग व स्टैंडली आदि

  विश्व के प्रमुख जलप्रपात  आपने विभिन्न प्रकार के झरने तो देखे ही होंगे। इन झरनों का बड़ा रूप ही जलप्रपात के रूप में जाना जाता है, क्योंकि जब बड़े नाले और नदियां जब कभी बड़ी चट्टानों से गिरते है, तो वह जलप्रपात बनाते है। विश्व में ऐसे कई जलप्रपात है, जो दर्शनीय होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। विश्व के इन सभी जलप्रपातों को समझने के लिए और परीक्षा पर आधारित प्रश्नों की जानकारी के लिए हम निम्न जलप्रपातों को जानेंगे। परीक्षाओं की दृष्टि से मुख्य जलप्रपात - एंजिल जल प्रपात -  यह वेनेजुएला देश में कैरो नदी पर स्थित है और इसकी ऊंचाई 979 मीटर है। यह जलप्रपात विश्व का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है। नियाग्रा जलप्रपात - यह कनाडा और अमेरिका की सीमा पर स्थित है और यह मुख्य रूप से सेंट लॉरेंस नदी पर बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 53.6 मीटर है। विक्टोरिया जलप्रपात - यह जिंबाब्वे वह जांबिया देश की सीमा पर स्थित है और यह जांबेजी नदी पर स्थित है। इसकी ऊंचाई 610 मीटर है। योसेमाइट जलप्रपात - यह कैलिफोर्निया देश में स्थित है और इसकी ऊंचाई 739 मीटर है। द. मर्डाल्फोसेन जलप्रपात - यह नॉर्वे द...

कोशिका के मुख्य भागों का विवरण

  कोशिका के मुख्य भाग  [Main parts of cell] कोशिका के मुख्य भागों के अंतर्गत निम्न भाग आते हैं -