सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अटल बिहारी वाजपेयी

क्या आप जानते हैं?

👉 माई एहणा पुत जण, जेहणा वीर प्रताप

       अकबर सुतो ओझके, जाँण सिराणे साँप।।       

अकबर के सामंत कवि पृथ्वीराज राठौर ने महाराणा प्रताप की मृत्यु के बाद उनकि विरता के सम्मान में यह दोहा लिखा था यह अकबर को उसकि औकात बताने में कोई कसर नहीं छोडता है   


               


                



👉 चार बांस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण
      ता उपर सुल्तान है,मत चूके चौहान।।

जब तराइन के द्वितीय युद्ध में पराजय के बाद पृथ्वीराज चौहान को गजनी भेजा गया तो चंदबरदाई भी इनके साथ गए। वहां पृथ्वीराज चौहान को कई यातनाएं सहनी पड़ी
एक दिन, चंदबरदाई ने पृथ्वीराज की ‘शब्दभेदी बाण’ चलने की क्षमता को मुहम्मद गोरी के सामने बहुत आकर्षक ढंग से बताया गोरी की जिज्ञासा हुई इस कला को देखने की सो पृथ्वीराज को दरबार में बुलाया गया और कला प्रदर्शन का आदेश दिया गया पृथ्वीराज अपनी कला का प्रदर्शन करते रहे और तभी सही मौका देखकर, चंदबरदाई ने यह दोहा पढ़ दिया





👉 
सिंह सवन सत्पुरूष वचन, कदली फलत इक बार
 तिरया तेल हम्मीर हठ, चढ़े न दूजी बार ॥

अर्थात सिंह एक ही बार संतान को जन्म देता है सज्जन लोग बात को एक ही बार कहते हैं । केला एक ही बार फलता है स्त्री को एक ही बार तेल एवं उबटन लगाया जाता है अर्थात उसका विवाह एक ही बार होता है ऐसे ही राव हमीर का हठ था वह जो ठानते थे, उस पर दोबारा विचार नहीं करते।

इसीलिये उन्हें हठी राजा के रूप में जाना जाता हैं






👉 कवि कोई गीत सुना ऐसा ये जग दिवाना हो जाये 
     कोई बंदा बैरागी बने कोई मरदाना हो जाये 


वे पहले ऐसे सिख हुए, जिन्होंने मुग़लों के अजेय होने के भ्रम को तोड़ा; छोटे साहबज़ादों की शहादत का बदला लिया और गुरु गोबिन्द सिंह द्वारा संकल्पित  लोक राज्य की राजधानी लोहगढ़ में ख़ालसा राज की नींव रखी।








👉 हाड़ी रानी :-


चल दिया रणभूमि को वो होके घोड़े पे सवार |
सामने आता था पर रानी का चेहरा बार बार ||
आह निकली दिल से ऐसी, दर्द से सर झुक गया |
देख कर मालिक की हालत, खुद ही घोड़ा रुक गया ||
आके रानी से ये बोला प्राण-प्यारी सोहिनी |
दो घड़ी मुझको दिखा दे अपनी सूरत मोहिनी ||
सुन के रानी ने कहा इस रूप पर धिक्कार है |
आज मेरा रूप तेरी राह की दीवार है ||
शर्म से मर जाउंगी गर सामने आएगा तू |
तुझको दिखलाउंगी सूरत जब विजय पाएगा तू ||
सुन के राजा ने कहा अच्छा नहीं मिलती ना मिल |
कोई दे ऐसी निशानी जिस से बहले मेरा दिल ||
हाड़ी रानी ने सुना, दासी को अपनी दी पुकार |
द्वार पर राजा खड़ा, करने लगा फिर इंतज़ार ||
लेके दासी एक थाली में निशानी आ गई |
आँख चूड़ावत की जिसको देखकर पथरा गई ||
बस ये निकला मुंह से मैं कुर्बान तेरी आन पर |
छत्र रानी है तेरा एहसान हिन्दुस्तान पर ||
मैं भुला बैठा था क्या है शान मेरे धर्म की |
तूने दिखला दी मुझे फिर राह अपने कर्म की ||



टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Plz don't enter any spam link in the comment box.

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अटल बिहारी वाजपेयी

  अटल बिहारी वाजपेयी (भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह) (25 दिसंबर 1924 – 16 अगस्त 2018) जन्म स्थान :  ग्वालियर, मध्यप्रदेश। शिक्षा :  एम.ए. (राजनीति शास्त्र) – डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (यूपी) तीन बार का प्रधानमंत्री कार्यकाल : प्रथम कार्यकाल (मई 1996 में 13 दिनों के लिए)   द्वितीय कार्यकाल (मार्च 1998 में 13 महीनों के लिए, एनडीए) तृतीय कार्यकाल (अक्टूबर 1999 से 2004, एनडीए)    ( पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद दूसरे राजनेता जो लगातार दो बार देश के प्रधानमंत्री चुने गए। ) राजनीतिक जीवन : • भारतीय जनसंघ के शीर्ष संस्थापकों में से एक तथा 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। • सन् 1952 – पहला असफल लोकसभा चुनाव लड़ा।  • सन् 1957 – जनसंघ प्रत्याशी के रूप में पहली लोकसभा जीत, बलरामपुर, जिला गोण्डा (उत्तर प्रदेश)। • सन् 1957 से 1977 - जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे।  • सन् 1977 से 1979 – विदेश मन्त्री (मोरारजी भाई देसाई की सरकार में)। • 6 अप्रैल1980 - भारतीय जनता पार्टी (अध्यक्ष)। प्रमुख कार्य व योगदान : • 11  व 13 मई 1998 – पाँच सफल परमाणु परीक्...

विश्व के प्रमुख जलप्रपात - एंजिल,नियाग्रा,विक्टोरिया,गवार्नी,जोग व स्टैंडली आदि

  विश्व के प्रमुख जलप्रपात  आपने विभिन्न प्रकार के झरने तो देखे ही होंगे। इन झरनों का बड़ा रूप ही जलप्रपात के रूप में जाना जाता है, क्योंकि जब बड़े नाले और नदियां जब कभी बड़ी चट्टानों से गिरते है, तो वह जलप्रपात बनाते है। विश्व में ऐसे कई जलप्रपात है, जो दर्शनीय होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। विश्व के इन सभी जलप्रपातों को समझने के लिए और परीक्षा पर आधारित प्रश्नों की जानकारी के लिए हम निम्न जलप्रपातों को जानेंगे। परीक्षाओं की दृष्टि से मुख्य जलप्रपात - एंजिल जल प्रपात -  यह वेनेजुएला देश में कैरो नदी पर स्थित है और इसकी ऊंचाई 979 मीटर है। यह जलप्रपात विश्व का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है। नियाग्रा जलप्रपात - यह कनाडा और अमेरिका की सीमा पर स्थित है और यह मुख्य रूप से सेंट लॉरेंस नदी पर बना हुआ है। इसकी ऊंचाई 53.6 मीटर है। विक्टोरिया जलप्रपात - यह जिंबाब्वे वह जांबिया देश की सीमा पर स्थित है और यह जांबेजी नदी पर स्थित है। इसकी ऊंचाई 610 मीटर है। योसेमाइट जलप्रपात - यह कैलिफोर्निया देश में स्थित है और इसकी ऊंचाई 739 मीटर है। द. मर्डाल्फोसेन जलप्रपात - यह नॉर्वे द...

कोशिका के मुख्य भागों का विवरण

  कोशिका के मुख्य भाग  [Main parts of cell] कोशिका के मुख्य भागों के अंतर्गत निम्न भाग आते हैं -